Benefits Of Buttermilk : घर का बना ताजा और संतुलित भोजन जहां हमारे शरीर को दिनभर के काम के लिए ऊर्जा देता है, वहीं बाहर का खाना अक्सर सुस्ती, भारीपन और बार-बार प्यास लगने की वजह बनता है। आपने भी महसूस किया होगा कि रेस्टोरेंट या ढाबे का खाना खाने के बाद पानी पीने की इच्छा अचानक बढ़ जाती है।
इसके पीछे की वजह सिर्फ खाने का चटपटा स्वाद नहीं है, बल्कि उस भोजन को तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले तत्व और उनकी बनावट भी जिम्मेदार है। विज्ञान के नजरिए से देखें तो इसके कई ठोस कारण सामने आते हैं।
सोडियम और नमक का गणित
घर के खाने की तुलना में बाहर मिलने वाले भोजन में नमक यानी सोडियम की मात्रा काफी अधिक होती है। असल में स्वाद को बढ़ाने और भोजन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए प्रोसेस्ड आटे, विभिन्न सॉस और मसालों में अतिरिक्त नमक मिलाया जाता है।
जब हम ज्यादा सोडियम वाला खाना खाते हैं, तो यह शरीर में तरल पदार्थों का प्राकृतिक संतुलन बिगाड़ देता है। ऐसी स्थिति में हमारी कोशिकाएं दिमाग को तुरंत पानी की जरूरत का संकेत भेजती हैं और हमें तेज प्यास महसूस होती है।
तेल और प्रोसेस्ड सामग्री का पाचन पर असर
बाहर के खाने में अक्सर तेल की मात्रा बहुत ज्यादा रखी जाती है। ज्यादा तला-भुना और मैदे जैसी प्रोसेस्ड सामग्री से बना खाना पचाने के लिए हमारे शरीर को सामान्य से कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
पाचन की इस जटिल और लंबी प्रक्रिया के दौरान शरीर को अतिरिक्त पानी की आवश्यकता होती है। यही वजह है कि बाहर का भारी खाना खाते ही गला सूखने लगता है और प्यास का स्तर बढ़ जाता है।
भारी प्रोटीन और शरीर की प्रतिक्रिया
सिर्फ तेल-मसाले ही नहीं, बल्कि भारी या अधिक प्रोटीन वाला आहार भी प्यास बढ़ाता है। प्रोटीन को शरीर में तोड़ने और पूरी पाचन प्रक्रिया को संपन्न करने के लिए मेटाबॉलिज्म को ज्यादा फ्लुइड्स यानी तरल पदार्थों का इस्तेमाल करना पड़ता है।
जब शरीर के भीतर मौजूद पानी इस प्रक्रिया में खर्च होता है, तो उसकी भरपाई के लिए हमें बार-बार पानी पीना पड़ता है।
घर का भोजन और राहत का तरीका

घर में बने खाने में नमक, तेल और मसालों की मात्रा हमेशा नियंत्रित रहती है। इसलिए साधारण रोटी-सब्जी या दाल-चावल शरीर के अंगों पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालते और प्यास भी कम लगती है।
अगर बाहर खाने के बाद बार-बार प्यास लग रही है, तो केवल सादा पानी पीना ही काफी नहीं है। ऐसी स्थिति में छाछ का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। छाछ न केवल शरीर को अंदरूनी ठंडक देती है, बल्कि यह पाचन सुधारने और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में भी मदद करती है।











