देहरादून : उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे उन शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है, जो 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सत्रांत लाभ (सेवा विस्तार) पर चल रहे शिक्षकों से अब बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की ड्यूटी नहीं ली जाएगी। ऐसे सभी शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से चुनावी कार्यों से हटाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
Ankita Bhandari Case : SIT जांच पर सवाल उठाने वालों को भाजपा का जवाब, याद दिलाया कोर्ट का फैसला
शिक्षक संगठनों की मांग पर कार्रवाई
राज्य में इन दिनों प्री-एसआईआर (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) की प्रक्रिया चल रही है। शिक्षक संगठनों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सेवा विस्तार ले रहे बुजुर्ग शिक्षकों को भी बीएलओ बनाया गया है।
शिक्षा विभाग ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए निर्वाचन विभाग से अनुरोध किया था। अब निर्वाचन विभाग ने भी स्पष्ट कर दिया है कि इन शिक्षकों को ड्यूटी से अलग रखा जाए। साथ ही, बीएलओ पर काम का बोझ कम करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजा गया है ताकि प्री-एसआईआर का काम समय पर पूरा हो सके।
अस्वस्थ बीएलओ भी बदले जाएंगे
सिर्फ 58 साल के शिक्षक ही नहीं, बल्कि उम्रदराज और अस्वस्थ कर्मचारियों को भी बीएलओ की जिम्मेदारी से मुक्त किया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि इनके स्थान पर युवा और स्वस्थ कर्मचारियों को नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसका मकसद चुनावी कार्यों में तेजी लाना और बुजुर्ग कर्मचारियों को राहत देना है।
243 दिन खुलेंगे स्कूल, रविवार ने कम की छुट्टियां
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों का नया शैक्षिक कैलेंडर भी जारी कर दिया है। इस बार सरकारी स्कूल साल भर में कुल 243 दिन खुले रहेंगे, जो पिछले साल के 240 दिनों के मुकाबले तीन दिन ज्यादा हैं। कैलेंडर के मुताबिक, इस बार दीपावली सहित छह महत्वपूर्ण छुट्टियां रविवार के दिन पड़ रही हैं, जिससे स्कूलों में पढ़ाई के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
छुट्टियों का पूरा गणित
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार, शीतकालीन स्कूलों में कुल 122 दिन और ग्रीष्मकालीन स्कूलों में 124 दिन का अवकाश रहेगा। पांच हजार फीट से कम ऊंचाई वाले विद्यालयों में गर्मी की छुट्टियां 27 मई से शुरू होकर 30 जून तक चलेंगी। प्रशासन का जोर इस बार स्कूलों में कार्यदिवस बढ़ाने पर है ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।



















