सीमांत जनपद चमोली के नंदनगर ब्लॉक में पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। देश की प्रमुख टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी इंडस टावर्स लिमिटेड ने सस्टेनेबल ग्रीन इनिशिएटिव फाउंडेशन (एसजीआईएफ) के साथ मिलकर 1620 छोटे और सीमांत किसानों के खेतों में 65,000 फलदार पौधे रोपे हैं।
Dehradun DM का अल्टीमेटम, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत पेंडिंग मिली तो अफसर पर गिरेगी गाज
यह पहल इंडस टावर्स के सीएसआर प्रोग्राम ‘प्रगति’ का हिस्सा है, जो भारत सरकार के ग्रीन इंडिया मिशन के उद्देश्यों को धरातल पर उतार रही है।
जंगली जानवरों से सुरक्षा: सामूहिक बाड़बंदी का मॉडल
पहाड़ी खेती में जंगली और आवारा जानवर सबसे बड़ी चुनौती हैं, जिसके कारण अक्सर किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। इस समस्या का समाधान निकालते हुए प्रोजेक्ट में सोलर इलेक्ट्रिक और नायलॉन फेंसिंग की व्यवस्था की गई है।
किसानों ने भी अपनी जमीन, श्रम और आर्थिक सहयोग देकर बड़े फलों के बाग तैयार किए हैं। सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था यह सुनिश्चित करेगी कि लगाए गए पेड़ लंबे समय तक जीवित रहें और भरपूर फल दें।
‘हर घर 5 पेड़’: पोषण और महिला सशक्तिकरण
इस अभियान में केवल बड़े खेत ही नहीं, बल्कि घरों के आंगन भी शामिल किए गए। ‘हर घर 5 पेड़’ पहल के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को विशेष रूप से जोड़ा गया।
Uttarakhand Weather : 21 से 24 जनवरी तक इन 5 जिलों में होगी बर्फबारी, अलर्ट जारी
महिलाओं को अपने घर के पास पांच फलदार पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, ताकि उनके परिवारों और बच्चों को घर का उगाया हुआ पौष्टिक आहार मिल सके।
वैज्ञानिक खेती और प्रशिक्षण
सिर्फ पेड़ लगाना ही नहीं, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक तरीके से बड़ा करना इस प्रोजेक्ट का मूल मंत्र रहा। कृषि विभाग के सहयोग से पहले खेतों की मिट्टी की जांच की गई। इसके बाद किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित हुए, जिसमें उन्हें पैदावार बढ़ाने और बागवानी की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। साथ ही, स्कूली बच्चों को भी पर्यावरण जागरूकता सत्रों के जरिए शिक्षित किया गया।
मौके पर मौजूद रहे जनप्रतिनिधि
इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, बद्रीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला, जिला कृषि अधिकारी जे.पी. तिवारी और जिला बागवानी अधिकारी नितेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
Dehradun : दिव्यांग बच्ची को एडमिशन नहीं दिया तो नपेगा स्कूल, DM ने मांगी एक्शन रिपोर्ट
इंडस टावर्स के सीओओ तेजिन्दर कालरा ने कहा कि चमोली का यह अभियान बताता है कि कैसे वैज्ञानिक तरीकों और सामुदायिक भागीदारी से पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ आजीविका के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। वहीं, एसजीआईएफ के डायरेक्टर दुर्गेश रतुरी ने इसे ग्रामीण आजीविका के लिए एक मजबूत नींव बताया।



















