CM Dhami : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के 79वें स्थापना दिवस पर साफ किया कि गुणवत्ता अब केवल एक सरकारी मानक नहीं, बल्कि एक जन-आदत होनी चाहिए।
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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों में जगह दिलाने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड को उच्चतम मानकों पर तैयार किया जा रहा है।
इकोलॉजी और इकॉनमी का संतुलन
सीएम धामी ने कहा कि 1947 से शुरू हुआ बीआईएस का सफर आज देश की आर्थिक रीढ़ बन चुका है। अब यह संस्थान केवल कारखानों तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल सुरक्षा, ड्रोन तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहन और ग्रीन एनर्जी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी मानक तय कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीआईएस इकोलॉजी (पर्यावरण) और इकॉनमी (अर्थव्यवस्था) के बीच संतुलन साधने में मदद कर रहा है। राज्य के लोक निर्माण और आपदा प्रबंधन जैसे विभाग भी अब निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के लिए बीआईएस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
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पहाड़ के उत्पादों को मिलेगी वैश्विक पहचान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत विजन को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार स्थानीय हस्तशिल्प, जैविक खेती और औषधीय जड़ी-बूटियों पर विशेष फोकस कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए हमारे पारंपरिक उत्पाद दुनिया भर में अपनी गुणवत्ता का लोहा मनवाएंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि ‘वन नेशन, वन स्टैंडर्ड’ की नीति 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
175 करोड़ से बन रही देश की 5वीं साइंस सिटी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में विज्ञान और तकनीक को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए ऐतिहासिक कदमों का भी जिक्र किया। देहरादून में 175 करोड़ रुपये की लागत से देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसके अलावा, राज्य में पहली बार विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति-2025 लागू की गई है। इसके तहत राज्य के सभी 13 जिलों के 95 ब्लॉकों में करीब 180 स्टेम (STEM) लैब्स स्थापित की गई हैं।
हर जिले में ‘लैब-ऑन-व्हील्स’
विज्ञान को सुदूर पहाड़ों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने हर जिले में ‘लैब-ऑन-व्हील्स’ की शुरुआत की है। विश्वविद्यालयों में 60 पेटेंट सूचना केंद्र खोले गए हैं और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष परिषद का गठन हुआ है।
सीएम ने बताया कि सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन में अपनाए गए विज्ञान आधारित मॉडल को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता ने राज्य की क्षमता को साबित किया है। इस मौके पर विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ और बीआईएस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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