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पेट्रोल की छुट्टी! 91 हजार की रेंज में आए नए ई-स्कूटर, टू-व्हीलर बाजार में छिड़ा प्राइस वॉर

भारतीय टू-व्हीलर बाजार में 85,000 रुपये से 95,000 रुपये के बजट में नए इलेक्ट्रिक मॉडल उतरने से पेट्रोल स्कूटरों के वर्चस्व को सीधे चुनौती मिल रही है। बजाज चेतक C25 01 जैसे मॉडलों की 91,000 रुपये की शुरुआती कीमत ने मिडिल क्लास ग्राहकों के लिए मंथली फ्यूल कॉस्ट बचाने का नया रास्ता खोल दिया है।

Published On: August 3, 2026 11:49 AM
पेट्रोल की छुट्टी! 91 हजार की रेंज में आए नए ई-स्कूटर, टू-व्हीलर बाजार में छिड़ा प्राइस वॉर

HIGHLIGHTS

  • बजाज चेतक C25 01 की शुरुआती कीमत 91,399 रुपये रखी गई
  • 2.5 kWh की बैटरी से 113 किलोमीटर की रेंज का दावा
  • 3 घंटे 45 मिनट में पूरी तरह चार्ज होगी बैटरी pack
  • पेट्रोल के प्रति किमी 2 रुपये खर्च से राहत मिलने का दावा

टू-व्हीलर शोरूम्स का गणित रातोंरात बदल गया है। पेट्रोल मॉडल खरीदने मन बनाकर निकले ग्राहक अब बिलिंग काउंटर के पास खड़े होकर कैलकुलेटर निकाल रहे हैं। वजह साफ है। 85 हजार से 95 हजार रुपये वाले प्राइस ब्रैकेट में दिग्गज वाहन निर्माताओं ने अपने सबसे किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटर उतार दिए हैं। जब किसी पेट्रोल स्कूटर के ऑन-रोड दाम 90 हजार का आंकड़ा पार कर रहे हों, ठीक उसी कीमत पर फुल-साइज EV की चाबी हाथ में मिल रही है।

बजाज ऑटो ने इस सीधे टकराव को हवा देते हुए अपना नया चेतक C25 01 मॉडल 91,399 रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उतारा है। यह इस सीरीज का सबसे किफायती वेरिएंट है। 108 किलो वजनी इस स्कूटर का ढांचा पूरी तरह मेटल शीट से तैयार किया गया है, जिससे रोजाना की शहरी अफरातफरी में प्लास्टिक बॉडी की तरह टूटने का डर खत्म हो जाता है।

इंजन और फ्यूल टैंक वाले पुराने ढर्रे को छोड़कर कंपनियों ने चेतक C25 01 के फ्लोरबोर्ड में 2.5 kWh क्षमता वाला लिथियम-आयन बैटरी पैक बिठाया है। एआरएआई टेस्टिंग मानकों के अनुसार यह एक बार चार्ज करने पर 113 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। शहर के भीतर रोजाना 20 से 30 किलोमीटर सफर करने वाले किसी भी दफ्तर जाने वाले व्यक्ति के लिए हफ्ते में दो बार चार्ज करना ही काफी होगा।

घर की वायरिंग पर लगने वाले 750 वाट के ऑफ-बोर्ड चार्जर से इस बैटरी को शून्य से 100 फीसदी तक भरने में करीब 3 घंटे 45 मिनट लगते हैं। अगर किसी को इमरजेंसी में निकलना हो तो 2 घंटे 25 मिनट में ही बैटरी 80 प्रतिशत चार्ज हो जाती है। इस मॉडल में हब-माउंटेड बीएलडीसी मोटर दी गई है, जिसकी पीक पावर 2.2 kW है। यह स्कूटर को 55 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड तक आसानी से ले जाती है।

टीवीएस मोटर कंपनी का iQube बेस वेरिएंट और हीरो मोटोकॉर्प की विडा सीरीज भी इसी 90 हजार से 1 लाख के दायरे में सीधे मुकाबले में मौजूद हैं। मिडिल क्लास परिवार किसी भी गाड़ी को खरीदने से पहले उसके 5 साल के रनिंग कॉस्ट का हिसाब लगाता है। पेट्रोल स्कूटर आज के समय में प्रति किलोमीटर 1.80 रुपये से 2.20 रुपये का ईंधन गटक जाता है। रोजाना 30 किलोमीटर चलने वाले व्यक्ति की जेब से सिर्फ पेट्रोल का हर महीने 1800 से 2000 रुपये निकल जाता है।

इलेक्ट्रिक स्कूटर में यही 30 किलोमीटर का सफर महज 8 से 10 रुपये की बिजली में पूरा हो जाता है। महीने का बिजली बिल 250 से 300 रुपये से ज्यादा नहीं आता। सालभर में 18,000 रुपये से ज्यादा की सीधी बचत सीधे बैंक खाते में दिखती है। तीन साल में स्कूटर अपनी आधी कीमत फ्यूल सेविंग्स के जरिए खुद-ब-खुद वसूल कर देता है।

रनिंग कॉस्ट के अलावा मेंटेनेंस का झंझट भी ईवी में काफी हद तक खत्म हो जाता है। पेट्रोल इंजनों में हर 3000-4000 किलोमीटर पर इंजन ऑयल बदलना, स्पार्क प्लग साफ करना, क्लच असेंबली चेक कराना और एयर फ़िल्टर बदलना अनिवार्य होता है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों में ये सभी पार्ट्स होते ही नहीं। इसमें सिर्फ ब्रेक पैड, टायर और सस्पेंशन की देखभाल करनी होती है, जिससे सर्विस सेंटर का सालाना खर्च 60 से 70 फीसदी तक घट जाता है।

दैनिक उपयोगिता के मामले में भी नए मॉडल्स को काफी प्रैक्टिकल बनाया गया है। चेतक C25 01 की सीट के नीचे 25 लीटर का बूट स्पेस मिलता है, जिसमें एक फुल-साइज हेलमेट और छोटा सामान आसानी से समा जाता है। फ्रंट एप्रन में सामान रखने का छोटा पॉकेट और मोबाइल चार्ज करने के लिए USB पोर्ट मौजूद है। कॉकपिट में लगा कलर एलसीडी कंसोल ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के जरिए फोन के कॉल्स, मैसेज और नेविगेशन अलर्ट स्क्रीन पर दिखाता है।

चढ़ाई वाले रास्तों और तंग गलियों के लिए हिल-होल्ड असिस्ट और रिवर्स मोड जैसे फीचर्स मानक के तौर पर दिए गए हैं। आगे डिस्क ब्रेक और पीछे ड्रम ब्रेक का सेटअप भारी ट्रैफिक में अचानक ब्रेक लगाने पर संतुलन बनाए रखता है।

चार्जिंग बुनियादी ढांचे को लेकर ग्राहकों के मन में उठने वाले सवाल अब धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। कंपनियां अब घर पर लगने वाले सॉकेट चार्जर पर जोर दे रही हैं, जिससे पब्लिब चार्जिंग स्टेशन पर लाइन लगाने की जरूरत खत्म हो जाती है। केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों के कारण आवासीय सोसायटियों और पार्किंग स्थलों पर चार्जिंग प्वाइंट तेजी से बढ़ रहे हैं।

टू-व्हीलर कंपनियों का यह एग्रेसिव प्राइस वॉर सीधे तौर पर कंज्यूमर के हक में जा रहा है। 90 हजार रुपये के बजट में अब इलेक्ट्रिक गाड़ियां लग्जरी या स्टेटस सिंबल न रहकर सीधे जरूरत और पैसे बचाने का साधन बन चुकी हैं। आने वाले त्योहारी सीजन में इस सेगमेंट की बिक्री में भारी उछाल आने के साफ संकेत दिखाई दे रहे हैं।

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Yash Ojha

ऑटोमोबाइल सेक्टर की गहरी समझ रखने वाले यश ओझा 'दून हॉराइज़न' के वरिष्ठ ऑटो एक्सपर्ट हैं। नई लॉन्चिंग से लेकर ऑटो पॉलिसी के बदलावों तक, यश हर खबर का बारीकी से विश्लेषण करते हैं। उनका लेखन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वे गाड़ी की परफॉरमेंस को सड़क की असल परिस्थितियों और आम आदमी की जेब के हिसाब से परखते हैं। रिसर्च और असल टेस्ट-ड्राइव के प्रति उनका समर्पण उन्हें पाठकों के बीच एक भरोसेमंद नाम बनाता है।

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