ग्वालियर, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। मध्यप्रदेश के ग्वालियर संभाग के ईसागढ़ इलाके में एक शादी समारोह उस वक्त अखाड़े में तब्दील हो गया जब मंडप के बीच में फेरे रुकवा दिए गए। ओड़िला गांव में चल रहे इस विवाह कार्यक्रम में दूल्हा और दुल्हन सात फेरों के लिए अग्नि के समक्ष बैठे थे, लेकिन महज दो फेरे पूरे होते ही कन्या पक्ष ने शादी की रस्में रोक दीं।
दो महीनों की तैयारी और लाखों के खर्च के बाद आखिरकार दूल्हे को बिना दुल्हन के ही बारात वापस लेकर लौटनी पड़ी।
घटनाक्रम के अनुसार, रस्में शुरू होने तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक गोत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कन्या पक्ष के परिजनों ने आरोप लगाया कि छानबीन में बड़ी चूक हुई है और दूल्हा-दुल्हन दोनों का गोत्र ‘नकटेले’ निकला है।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार एक ही गोत्र होने की वजह से उन्होंने लड़का-लड़की को भाई-बहन बताते हुए शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद मंडप में अफरा-तफरी मच गई और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
इधर, वर पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए मामले में नया मोड़ दे दिया है। दूल्हे के परिवार का कहना है कि गोत्र का बहाना महज एक दिखावा है, असली विवाद बारात के वाहनों को लेकर हुआ।
वर पक्ष ने बताया कि आर्थिक स्थिति के चलते वे लग्जरी जीप या बसों का इंतजाम नहीं कर सके और बारात ट्रक और ट्रैक्टर पर लेकर पहुंचे थे। लड़की वालों को ट्रक से बारात का आना नागवार गुजरा और उन्होंने इसे अपनी बेइज्जती मानकर शादी तोड़ने का फैसला लिया।
विवाद इतना बढ़ा कि वधु पक्ष ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखा दहेज का सारा सामान तुरंत नीचे उतार लिया। वर पक्ष का दावा है कि शादी तय करने से पहले तमाम छानबीन और मिलान किया गया था, लेकिन आखिरी वक्त पर गाड़ियों की मांग और बजट न होने की वजह से रिश्ता खत्म किया गया। मौके पर तनाव को देखते हुए पुलिस को सूचित किया गया।
स्थानीय पुलिस स्टेशन में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस फिलहाल मामले की छानबीन कर रही है और दोनों परिवारों के बीच सुलह कराने की कोशिशें जारी हैं। हालांकि, लड़की पक्ष अब इस रिश्ते को किसी भी कीमत पर स्वीकार करने को तैयार नहीं है। इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या वाकई यह गोत्र का मसला है या फिर दिखावे की जंग में एक रिश्ता बली चढ़ गया।











