Monsoon Mosquito Safety Tips : बारिश की बूंदें मौसम को सुहाना जरूर बना देती हैं, लेकिन अपने साथ कई बीमारियों की चुनौती भी लाती हैं।
इस मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने के कारण मच्छरों की तादाद तेजी से बढ़ती है। थोड़ी सी लापरवाही डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का कारण बन सकती है।
अपने और अपने परिवार को सेहतमंद रखने के लिए दैनिक दिनचर्या में कुछ साधारण बदलाव करना बेहद जरूरी है।
आइए समझते हैं कि इस मौसम में मच्छरों से सुरक्षित रहने के लिए कौन से कदम उठाने चाहिए।
घर और आसपास पानी न रुकने दें
मच्छर हमेशा ठहरे हुए साफ या गंदे पानी में अंडे देते हैं। इसलिए सबसे पहले पानी जमा होने वाले स्रोतों को साफ रखें।
कूलर और गमले: गमलों की ट्रे और कूलर में जमा पानी को हफ्ते में कम से कम दो बार जरूर बदलें।
पुराना कबाड़: छत या बालकनी में रखे पुराने टायर, खाली डिब्बे और बाल्टियों को उल्टा करके रखें ताकि उनमें बारिश का पानी न भरे।
कीटनाशक का प्रयोग: अगर किसी जगह से पानी हटाना मुमकिन न हो, तो वहां थोड़ा सा मिट्टी का तेल या नीम का तेल डाल दें।

पहनावे और सुरक्षा साधनों का ध्यान रखें
मच्छरों के काटने से बचने का सबसे पहला तरीका है त्वचा को सुरक्षित ढककर रखना।
पूरे कपड़े पहनें: बाहर निकलते समय सूती और पूरी आस्तीन वाले कपड़े पहनें। पैरों को पूरी तरह ढकने वाले पजामे या पैंट का इस्तेमाल करें।
मास्किटो रिपेलेंट: खुली त्वचा पर अच्छी गुणवत्ता का मॉस्किटो रिपेलेंट लोशन या स्प्रे लगाएं। बच्चों के लिए डॉक्टर की सलाह पर ही सही प्रोडक्ट चुनें।
जाली और मच्छरदानी: घर की खिड़कियों और दरवाजों पर बारीक जाली लगवाएं। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग सबसे सुरक्षित और असरदार उपाय है।
इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
मच्छर के काटने के कुछ दिनों बाद यदि शरीर में कोई असामान्यता दिखे, तो तुरंत ध्यान देना आवश्यक है।
तेज बुखार: अचानक तेज बुखार आना इसका प्राथमिक संकेत हो सकता है।
शरीर और आंखों में दर्द: जोड़ों में तेज दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव या आंखों के पिछले हिस्से में भारीपन महसूस होना।

थकावट और उल्टी: अत्यधिक कमजोरी, जी मिचलाना, उल्टी होना या त्वचा पर लाल दाने (रैशेज) निकलना।
इस तरह के कोई भी लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लें और आवश्यक ब्लड टेस्ट करवाएं। खुद से दवाएं लेने की भूल बिल्कुल न करें।
किन लोगों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है?
मच्छरों से पनपने वाले संक्रमण का असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है। कुछ लोगों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिम भरी होती है।
छोटे बच्चे और बुजुर्ग: इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) वयस्कों की तुलना में कमजोर होती है।
गर्भवती महिलाएं: संक्रमण का असर मां और बच्चे दोनों की सेहत पर पड़ सकता है।

पुरानी बीमारी से ग्रस्त लोग: डायबिटीज, किडनी रोग या किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
घर के आसपास सफाई रखकर और दैनिक व्यवहार में छोटे बदलाव करके मानसून के मौसम का आनंद बिना किसी बीमारी के लिया जा सकता है।











