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Uttarakhand Development Projects : केदारनाथ रोपवे से लेकर एम्स सैटेलाइट सेंटर तक, उत्तराखंड में धरातल पर उतरीं ये बड़ी परियोजनाएं

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Tue, 14 Apr 2026 04:14 PM IST

उत्तराखंड में बीते चार वर्षों के दौरान केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से ₹2 लाख करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य ने सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी सहित धार्मिक पर्यटन के बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक विस्तार किया है।

Uttarakhand Development Projects : केदारनाथ रोपवे से लेकर एम्स सैटेलाइट सेंटर तक, उत्तराखंड में धरातल पर उतरीं ये बड़ी परियोजनाएं

मुख्य बातें

  • इन्फ्रास्ट्रक्चर: ₹48,000 करोड़ की टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को मंजूरी और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट अंतिम चरण में।
  • एयर कनेक्टिविटी: प्रदेश में हेलीपैड्स की संख्या 60 से बढ़कर 118 हुई; 12 हेलीपोर्ट्स पर हवाई सेवाएं शुरू।
  • धार्मिक पर्यटन: केदारनाथ-हेमकुंड साहिब रोपवे का निर्माण जल्द शुरू होगा; मानसखंड मंदिर माला मिशन से कुमाऊं का कायाकल्प।

देहरादून, 14 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न) 

Uttarakhand Development Projects : उत्तराखंड में ‘डबल इंजन’ सरकार की अवधारणा बीते चार वर्षों में धरातल पर प्रभावी रूप से नजर आने लगी है। केंद्र सरकार के सहयोग से वर्तमान में राज्य के भीतर ₹2 लाख करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं पर सक्रिय रूप से काम चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के साथ-साथ स्वास्थ्य और औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े बदलाव दर्ज किए गए हैं।

कनेक्टिविटी का महाजाल

प्रदेश में चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए ‘ऑल वेदर रोड’ परियोजना पर काम तेजी से जारी है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के संचालन से दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी कम हुई है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बल मिला है। इसके अलावा, कुमाऊं और गढ़वाल को जोड़ने के लिए सितारगंज-टनकपुर, पौंटा साहिब-देहरादून और भानियावाला-ऋषिकेश जैसी महत्वपूर्ण सड़कों पर कार्य अलग-अलग चरणों में है।

रेलवे के क्षेत्र में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना अपनी पूर्णता की ओर है। केंद्र ने हाल ही में ₹48,000 करोड़ की लागत वाली टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को भी मंजूरी दी है, जो सीमांत क्षेत्रों के लिए लाइफलाइन साबित होगी। साथ ही, प्रदेश के 11 रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत भारत स्टेशन’ योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।

हवाई सेवा और रोपवे विस्तार

उड़ान योजना के माध्यम से उत्तराखंड के दुर्गम इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ा गया है। 2022 तक राज्य में केवल 2 हेलीपोर्ट थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 7 हो गई है। वहीं, हेलीपैड्स की संख्या भी 60 से बढ़कर 118 पहुंच चुकी है। वर्तमान में श्रीनगर, गौचर, मुन्स्यारी और पिथौरागढ़ समेत 12 प्रमुख स्थानों के लिए हवाई सेवाएं सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं।

पर्यटन को नया आयाम देने के लिए ‘पर्वतमाला परियोजना’ के तहत रोपवे का जाल बिछाया जा रहा है। इसमें गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक बनने वाले रोपवे प्रमुख हैं, जिनका निर्माण कार्य जल्द शुरू होने वाला है। इसके अलावा नैनीताल, नई टिहरी और मुन्स्यारी में भी रोपवे विकास की प्रक्रिया जारी है।

स्वास्थ्य और सामाजिक ढांचा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, किच्छा में एम्स सैटेलाइट सेंटर का काम शुरू हो चुका है, जबकि एम्स ऋषिकेश में देश की पहली ‘हेली एंबुलेंस’ सेवा शुरू कर दी गई है। शिक्षा के क्षेत्र में 226 विद्यालयों को ‘पीएम श्री’ स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। औद्योगिक मोर्चे पर उधम सिंह नगर में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप और सीमांत गांवों के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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